देहरादून। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंगलवार को एक बार फिर उत्तराखंड दौरे पर आ रहे हैं। प्रधानमंत्री बनने के बाद यह उनका 28वां दौरा होगा, जो राज्य के प्रति उनके लगातार जुड़ाव और प्राथमिकता को दर्शाता है। इस बार का दौरा विशेष रूप से बुनियादी ढांचे, कनेक्टिविटी और ऊर्जा क्षेत्र में बड़े बदलावों के संकेत लेकर आ रहा है।

प्रधानमंत्री अपने इस दौरे में दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे का लोकार्पण करेंगे, जो उत्तर भारत की प्रमुख परियोजनाओं में से एक है। करीब 213 किलोमीटर लंबे इस एक्सप्रेसवे के शुरू होने से दिल्ली और देहरादून के बीच यात्रा समय घटकर लगभग ढाई से तीन घंटे रह जाएगा। इससे न केवल आम यात्रियों को सुविधा मिलेगी, बल्कि पर्यटन, व्यापार और निवेश गतिविधियों को भी नई गति मिलने की उम्मीद है। खासकर उत्तराखंड जैसे पर्यटन-आधारित राज्य के लिए यह परियोजना आर्थिक दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

इसके साथ ही प्रधानमंत्री टिहरी में देश के पहले वेरिएबल स्पीड पंप स्टोरेज संयंत्र का भी उद्घाटन करेंगे। लगभग 1000 मेगावाट क्षमता वाला यह संयंत्र ऊर्जा क्षेत्र में तकनीकी रूप से उन्नत परियोजनाओं में गिना जा रहा है। यह सिस्टम अतिरिक्त बिजली उत्पादन के साथ-साथ ऊर्जा के बेहतर प्रबंधन में भी सहायक होगा, जिससे भविष्य में बढ़ती बिजली मांग को संतुलित करने में मदद मिलेगी।

प्रधानमंत्री के आगमन को लेकर राज्य सरकार और प्रशासन पूरी तरह सक्रिय हो गए हैं। कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए सुरक्षा, यातायात, व्यवस्थाओं और जनसुविधाओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी स्वयं तैयारियों की समीक्षा कर रहे हैं और अधिकारियों को जरूरी दिशा-निर्देश दिए गए हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का उत्तराखंड से केवल प्रशासनिक ही नहीं, बल्कि भावनात्मक और आध्यात्मिक जुड़ाव भी रहा है। वह कई बार केदारनाथ और बदरीनाथ धाम की यात्रा कर चुके हैं। उनके इन दौरों के बाद राज्य में धार्मिक पर्यटन को भी बढ़ावा मिला है और चारधाम यात्रा की लोकप्रियता में लगातार वृद्धि देखी गई है।

विशेषज्ञों का मानना है कि प्रधानमंत्री का यह दौरा उत्तराखंड के लिए बहुआयामी लाभ लेकर आएगा। एक ओर जहां एक्सप्रेसवे से कनेक्टिविटी मजबूत होगी, वहीं ऊर्जा परियोजना राज्य और देश की बिजली जरूरतों को पूरा करने में अहम भूमिका निभाएगी। इसके अलावा, इससे निवेश और रोजगार के नए अवसर भी सृजित होने की संभावना है।

कुल मिलाकर, प्रधानमंत्री का यह दौरा उत्तराखंड के विकास को नई दिशा देने वाला साबित हो सकता है, जिस पर पूरे प्रदेश की नजरें टिकी हुई हैं।

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