हल्द्वानी। उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री एवं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हरीश रावत ने जिला विकास प्राधिकरण की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्न उठाते हुए राज्य सरकार को कठघरे में खड़ा किया। काठगोदाम स्थित सर्किट हाउस में आयोजित पत्रकार वार्ता में उन्होंने कहा कि जिला विकास प्राधिकरण अब विकास का साधन न रहकर आमजन के शोषण और आर्थिक बोझ का कारण बन गया है।
हरीश रावत ने आरोप लगाया कि भवन निर्माण और मानचित्र स्वीकृति जैसी प्रक्रियाओं में जनता को अनावश्यक नियमों और शुल्कों के जाल में उलझाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पहले से महंगाई और आर्थिक कठिनाइयों से जूझ रही जनता पर यह व्यवस्था अतिरिक्त दबाव बना रही है।
उन्होंने कहा कि विकास प्राधिकरणों का उद्देश्य जनसुविधाओं को सरल बनाना होना चाहिए, लेकिन वर्तमान परिस्थितियों में आम नागरिकों को कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। उन्होंने सरकार से मांग की कि इस व्यवस्था की तत्काल समीक्षा कर जनता को राहत प्रदान की जाए।
पत्रकार वार्ता के दौरान हरीश रावत ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के प्रस्तावित उत्तराखंड दौरे की जानकारी भी दी। उन्होंने बताया कि आगामी चार जून को अल्मोड़ा में आयोजित होने वाली जनसभा को लेकर कार्यकर्ताओं में उत्साह का वातावरण है। इसके अतिरिक्त पौड़ी में आयोजित पूर्व सैनिक सम्मेलन को भी उन्होंने महत्वपूर्ण कार्यक्रम बताया।
पूर्व मुख्यमंत्री ने भारतीय जनता पार्टी पर भी निशाना साधते हुए कहा कि जो दल कभी कांग्रेस पर गुटबाजी के आरोप लगाता था, आज वही आंतरिक मतभेदों से जूझ रहा है।
हरीश रावत ने प्रदेश में बढ़ते वन्यजीव हमलों को भी गंभीर चिंता का विषय बताया। उन्होंने कहा कि पर्वतीय क्षेत्रों में बंदरों और भालुओं के आतंक से किसानों और ग्रामीणों की आजीविका प्रभावित हो रही है। फसलों को भारी नुकसान पहुंच रहा है, जिससे ग्रामीणों की परेशानियां लगातार बढ़ रही हैं। उन्होंने सरकार से इस समस्या के समाधान के लिए प्रभावी नीति बनाने की मांग की।
