देहरादून/चमोली/उत्तरकाशी। उत्तराखंड के पर्वतीय इलाकों में मौसम ने एक बार फिर चौंका दिया है। अप्रैल के महीने में ही ऊंचाई वाले क्षेत्रों में जबरदस्त बर्फबारी और निचले इलाकों में लगातार बारिश ने ठंड को फिर से बढ़ा दिया है। हालात ऐसे हैं कि कई जगहों पर जनवरी जैसी सर्दी का अहसास होने लगा है।
केदारनाथ धाम में लगातार बर्फबारी का दौर जारी है, जबकि यमुनोत्री में बर्फबारी के बाद खिली धूप ने अद्भुत नजारा पेश किया। वहीं बदरीनाथ से औली तक पूरा क्षेत्र ताजा बर्फ से ढक गया है, जिससे पहाड़ों की खूबसूरती और भी बढ़ गई है।
चमोली जिले के ऊंचाई वाले पर्यटन स्थलों—रूपकुंड, वेदनी बुग्याल, ब्रह्मताल और आसपास के इलाकों में भारी बर्फबारी के चलते पर्यटकों को वापस बेस कैंप लौटना पड़ा। तेज ठंडी हवाओं और लगातार बदलते मौसम ने ट्रैकिंग रूट्स को भी प्रभावित किया है।
उत्तरकाशी क्षेत्र में गंगोत्री और यमुनोत्री धाम में भी बर्फबारी जारी है, जबकि निचले इलाकों में बारिश के कारण जनजीवन प्रभावित हुआ है। कई जगहों पर सड़कें कीचड़ और दलदल में बदल गई हैं, जिससे आवाजाही जोखिम भरी हो गई है।
इस बदले मौसम का असर आगामी चारधाम यात्रा की तैयारियों पर भी साफ दिखाई दे रहा है। 19 अप्रैल को अक्षय तृतीया के अवसर पर यमुनोत्री धाम के कपाट खुलने हैं, लेकिन लगातार बारिश और बर्फबारी के चलते निर्माण और व्यवस्थाओं से जुड़े काम प्रभावित हो रहे हैं।
इसके अलावा, बारिश और ओलावृष्टि से किसानों की मुश्किलें भी बढ़ गई हैं। कई क्षेत्रों में गेहूं, मटर और फलदार फसलों को नुकसान की आशंका जताई जा रही है।
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से यह बदलाव देखने को मिल रहा है। प्रशासन ने लोगों और यात्रियों को सतर्क रहने की सलाह दी है, खासकर पहाड़ी क्षेत्रों में यात्रा के दौरान अतिरिक्त सावधानी बरतने को कहा गया है।
