देहरादून। उत्तराखंड सरकार ने शनिवार को प्रशासनिक ढांचे में बड़ा बदलाव करते हुए आईएएस और पीसीएस अधिकारियों के बड़े स्तर पर तबादले किए हैं। इस फेरबदल के तहत कुल 18 आईएएस और 11 पीसीएस अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। इसके साथ ही हाल ही में पदोन्नत होकर सचिव बने आठ अधिकारियों को भी महत्वपूर्ण विभागों का कार्यभार दिया गया है।

सरकार के अनुसार इस बदलाव का मुख्य उद्देश्य राज्य में विकास योजनाओं के क्रियान्वयन को गति देना और प्रशासनिक कार्यप्रणाली को अधिक प्रभावी बनाना है। आवास, स्वास्थ्य, पेयजल, सहकारिता, आयुष और नियोजन जैसे प्रमुख विभागों में नए सचिवों की तैनाती की गई है।

प्रमुख सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम से आवास और नगर विकास प्राधिकरण का दायित्व हटा दिया गया है। सचिव मुख्यमंत्री शैलेश बगौली से पेयजल विभाग वापस लेकर रणवीर सिंह चौहान को सौंपा गया है। वहीं, रणवीर चौहान से राज्य संपत्ति और खाद्य आयुक्त की जिम्मेदारी हटा ली गई है।

सचिव सचिन कुर्वे को नागरिक उड्डयन के साथ-साथ चिकित्सा स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा और आयुक्त स्वास्थ्य का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। वित्त सचिव दिलीप जावलकर से निदेशक ऑडिट का कार्यभार वापस लिया गया है।

सचिव डॉ. बीवीआरसी पुरुषोत्तम से सहकारिता विभाग हटाकर नवपदोन्नत सचिव डॉ. अहमद इकबाल को सौंपा गया है। वहीं डॉ. आर. राजेश कुमार से स्वास्थ्य विभाग वापस लेते हुए उन्हें आवास और राज्य संपत्ति से जुड़े विभागों की जिम्मेदारी दी गई है।

कई अन्य अधिकारियों के विभागों में भी बदलाव किया गया है। सचिव आनंद स्वरूप को खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग सौंपा गया है, जबकि देव कृष्ण तिवारी को नियोजन विभाग की जिम्मेदारी मिली है। सचिव उमेश नारायण पांडेय को पुनर्गठन और भाषा विभाग का प्रभार दिया गया है।

इसके अलावा आईएएस अधिकारी अनामिका को फिलहाल बाध्य प्रतीक्षा में रखा गया है, जबकि प्रवीण कुमार को शहरी विकास विभाग में नई तैनाती दी गई है।


11 पीसीएस अधिकारियों के भी तबादले

सरकार ने पीसीएस संवर्ग में भी बड़ा फेरबदल किया है। संभागीय खाद्य नियंत्रक अरविंद पांडे को नैनीताल का मुख्य विकास अधिकारी बनाया गया है। कई जिलों के एसडीएम और अन्य अधिकारियों के कार्यक्षेत्रों में भी बदलाव किए गए हैं।

हरिद्वार, पौड़ी, टिहरी, ऊधमसिंह नगर, चंपावत और पिथौरागढ़ जैसे जिलों में उपजिलाधिकारियों की नई तैनाती की गई है। कुछ अधिकारियों को अतिरिक्त जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं ताकि प्रशासनिक कार्यों को सुचारू रूप से संचालित किया जा सके।

सरकार का कहना है कि यह फेरबदल प्रदेश में सुशासन और बेहतर प्रशासनिक प्रबंधन को ध्यान में रखते हुए किया गया है, जिससे आम जनता को सरकारी सेवाओं का अधिक लाभ मिल सके।

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