उत्तराखंड में नए साल की शुरुआत भक्ति और उल्लास के साथ हुई। 31 दिसंबर की रात जहां लोगों ने आतिशबाजी और पारिवारिक आयोजनों के साथ वर्ष 2026 का स्वागत किया, वहीं एक जनवरी की सुबह होते ही राज्यभर के मंदिरों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी।
राजधानी देहरादून से लेकर हरिद्वार, श्रीनगर और चमोली तक प्रसिद्ध धार्मिक स्थलों में पूजा-अर्चना के लिए लंबी कतारें देखने को मिलीं। श्रद्धालुओं ने भगवान का जलाभिषेक कर अपने परिवार की खुशहाली, स्वास्थ्य और समृद्धि की कामना की।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेशवासियों को नववर्ष की बधाई देते हुए कहा कि नया साल सभी के जीवन में सुख, शांति और प्रगति लेकर आए। उन्होंने अपने संदेश में राज्य के निरंतर विकास और नागरिकों के बेहतर भविष्य की कामना की।
वहीं राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेनि) गुरमीत सिंह ने भी उत्तराखंड की जनता को नववर्ष की शुभेच्छाएं दीं। उन्होंने प्रदेश के समग्र विकास के साथ-साथ लोगों के अच्छे स्वास्थ्य और सामाजिक सौहार्द की कामना की।
देहरादून के टपकेश्वर महादेव मंदिर में तड़के से ही श्रद्धालुओं की भीड़ जुट गई, जहां भक्तों ने भोलेनाथ का जलाभिषेक किया। चमोली में गोपीनाथ मंदिर, श्रीनगर में कमलेश्वर महादेव मंदिर तथा हरिद्वार में हरकी पैड़ी, मनसा देवी, चंडी देवी और दक्षिण काली मंदिरों में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे।
देवभूमि उत्तराखंड में नए साल का यह शुभारंभ आस्था, भक्ति और सकारात्मक ऊर्जा के साथ हुआ, जिसने पूरे प्रदेश को धार्मिक उल्लास के रंग में रंग दिया।
