हल्द्वानी। उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय और आईआईटी रुड़की अब राज्य में उच्च शिक्षा, रिसर्च और तकनीकी नवाचार को नई दिशा देने के लिए साथ काम करेंगे। दोनों संस्थानों के बीच बुधवार को एक महत्वपूर्ण एमओयू (समझौता ज्ञापन) पर हस्ताक्षर किए गए।
समझौते के तहत आईआईटी रुड़की स्वदेशी तकनीक के विकास पर जोर देगा और छात्रों के लिए ऑनलाइन एवं हाइब्रिड प्रशिक्षण को बढ़ावा देगा।
आईआईटी रुड़की के निदेशक प्रो. कमल किशोर पंत ने बताया कि कृषि एवं खाद्य प्रसंस्करण से जुड़ी तकनीक, जैविक नवाचार और डेटा-सेंसर आधारित समाधान किसानों तक पहुंचाने के लिए संयुक्त पहल की जाएगी।
उन्होंने कहा कि भूस्खलन जैसी प्राकृतिक चुनौतियों के समाधान के लिए सेंसर-आधारित तकनीकों पर भी आईआईटी रुड़की काम कर रहा है, और भविष्य में इसका लाभ राज्य को मिल सकेगा।
मुक्त विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. नवीन चंद्र लोहनी ने कहा कि संस्थान जल्द ही भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थानों की तर्ज पर एजुकेशनल मल्टीमीडिया रिसर्च सेंटर (EMRC) की स्थापना करने की दिशा में गंभीरता से काम कर रहा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि यह केंद्र छात्रों और शोधकर्ताओं के लिए बड़ा बदलाव लाएगा।
कार्यक्रम में मुक्त विश्वविद्यालय की ओर से प्रो. गिरजा पांडे, जबकि आईआईटी रुड़की की ओर से निदेशक प्रो. कमल किशोर पंत और कुलपति प्रो. नवीन चंद्र लोहनी मौजूद रहे।
