उत्तराखंड के चमोली जिले में शनिवार को पृथ्वी दोबारा हिली महसूस हुई, जिससे आम लोगों में घबराहट फैल गई और कई लोग एहतियातन अपने घरों से बाहर निकल आए। सुबह 10 बजकर 27 मिनट पर आए इस कंपन का असर नारायणबगढ़, कर्णप्रयाग, थराली और देवाल क्षेत्रों में दर्ज किया गया। भूकंप की तीव्रता 3.7 बताई गई है। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंद किशोर जोशी ने बताया कि झटकों का केंद्र चमोली के आसपास स्थित था और राहत की बात यह है कि किसी तरह के नुकसान की सूचना सामने नहीं आई है।

इस बीच, हाल ही में जारी नए भूकंपीय क्षेत्रीकरण मानचित्र के अनुसार उत्तराखंड को अत्यधिक संवेदनशील जोन-6 में शामिल किया गया है। इससे पहले राज्य के कई जिले जोन-4 और जोन-5 में रखे गए थे, जिनमें चमोली, रुद्रप्रयाग, बागेश्वर और पिथौरागढ़ सबसे ज्यादा जोखिम वाले क्षेत्रों में आते थे। वर्ष 2021 में केंद्र सरकार द्वारा दी गई जानकारी में बताया गया था कि देश के 38 अत्यधिक भूकंप-प्रवण शहरों में उत्तराखंड के देहरादून, अल्मोड़ा, नैनीताल और रुड़की भी शामिल हैं, जिसके चलते विशेषज्ञ भविष्य में भवन निर्माण और सुरक्षा मानकों में अतिरिक्त सतर्कता बरतने की सलाह दे रहे हैं।

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