हल्द्वानी। विश्व दिव्यांगजन दिवस पर समाज कल्याण विभाग की ओर से एमबीपीजी कॉलेज, हल्द्वानी के सभागार में राज्य स्तरीय सम्मान समारोह आयोजित किया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले दिव्यांग प्रतिभागियों को पुरस्कार राशि, मेडल और प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया। मुख्यमंत्री धामी ने अपने संबोधन में कहा कि यह दिन केवल किसी कार्यक्रम तक सीमित नहीं है, बल्कि उन अद्वितीय व्यक्तियों का गौरव बढ़ाने का अवसर है, जिन्होंने कठिन परिस्थितियों को प्रेरणा में बदलकर समाज में मिसाल कायम की है। उन्होंने कहा कि “दिव्यांगता शरीर की हो सकती है, लेकिन इच्छाशक्ति और सपनों को कोई सीमित नहीं कर सकता।
“उन्होंने मुरलीकांत पेटकर, सत्येंद्र सिंह लोहिया और पैरा तीरंदाज शीतल देवी जैसे व्यक्तित्वों के उदाहरण देकर दिव्यांगजनों की उपलब्धियों पर प्रकाश डाला। साथ ही हाल ही में टी-20 ब्लाइंड वूमेन वर्ल्ड कप 2025 जीतने वाली भारतीय दिव्यांग महिला क्रिकेट टीम को भी बधाई दी।
दिव्यांग छात्र-छात्राओं को छात्रवृत्ति, कृत्रिम अंगों के लिए 7000 रुपये की सहायता, दिव्यांग से विवाह पर 50,000 रुपये प्रोत्साहन राशि और सिविल सेवा परीक्षाओं के लिए निःशुल्क ऑनलाइन कोचिंग भी उपलब्ध कराई जा रही है। जिला दिव्यांग पुनर्वास केंद्र इन सभी योजनाओं को एक ही स्थान से संचालित कर रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि देहरादून में आयुक्त दिव्यांगजन कार्यालय में ऑनलाइन सुनवाई की सुविधा शुरू कर दी गई है और ऊधम सिंह नगर में मानसिक दिव्यांगों के लिए विशेष पुनर्वास गृह तैयार किया गया है। राज्य का पहला “प्रधानमंत्री दिव्यांशा केंद्र” भी देहरादून में क्रियाशील हो चुका है। राज्य गठन के बाद दिव्यांगजनों का पहला व्यापक सर्वेक्षण भी शुरू किया गया है।
सीएम धामी ने युवाओं से आग्रह किया कि वे अपने नवाचारों और तकनीकी आविष्कारों में दिव्यांगजनों की आवश्यकताओं को प्राथमिकता दें तथा एआई आधारित समाधान विकसित करें, जिससे दिव्यांगजन का दैनिक जीवन और सरल हो सके।
कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष दीपा दरमवाल, मेयर गजराज बिष्ट, विधायक बंशीधर भगत, सरिता आर्या, राम सिंह कैड़ा सहित कई जनप्रतिनिधि, अधिकारी और बड़ी संख्या में दिव्यांगजन उपस्थित रहे।
