प्रदेश में स्मार्ट बिजली मीटर लगाने की प्रक्रिया पर फिलहाल रोक लगा दी गई है। लगातार गलत बिल आने, देरी से बिल जारी होने और मीटर रीडिंग से जुड़े विवादों के बाद यूपीसीएल मुख्यालय ने मंगलवार को नए दिशा–निर्देश जारी किए। आदेश के अनुसार, जब तक सभी पेंडिंग शिकायतों का समाधान नहीं हो जाता, तब तक पुराने मीटर हटाकर स्मार्ट मीटर लगाने की कार्रवाई बंद रहेगी। सभी शिकायतों के निस्तारण के बाद ही दोबारा नए मीटर लगाने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

बीते कुछ महीनों से बड़ी संख्या में उपभोक्ताओं ने स्मार्ट मीटर लगने के बाद अत्यधिक बिल, गलत आंकड़े और तकनीकी गड़बड़ियों की शिकायतें दर्ज कराई थीं। इन बढ़ती समस्याओं को देखते हुए शासन ने सख्त रुख अपनाया और यूपीसीएल को त्वरित कार्यवाही के निर्देश दिए। इसके बाद मुख्यालय ने सभी जोनों में नए स्मार्ट मीटर इंस्टॉलेशन को रोकते हुए पहले शिकायतों की जांच और निस्तारण पर जोर देने को कहा है।

निदेशक ऑपरेशन कार्यालय के अंतर्गत आने वाले मुख्य अभियंता बीएमएस परमार की ओर से डिविजन, सर्किल और जोन अधिकारियों को विस्तृत निर्देश भेजे गए हैं। ताजा आदेश में स्पष्ट किया गया है कि फिलहाल नए स्मार्ट मीटर केवल दो स्थितियों में लगाए जाएंगे—

  1. नए बिजली कनेक्शन पर,
  2. जहां पुराना मीटर खराब हो गया हो
    इसके अतिरिक्त किसी भी अन्य मामले में स्मार्ट मीटर लगाने की अनुमति नहीं होगी।

उपभोक्ताओं की परेशानियों को प्राथमिकता देते हुए यूपीसीएल पूरे प्रदेश में विशेष शिविर आयोजित करने जा रहा है। इन कैंपों में स्मार्ट मीटर से जुड़े सभी तकनीकी और बिलिंग मुद्दों का समाधान किया जाएगा। इस पहल को ‘उपभोक्ता विशेष शिकायत निवारण कैंप’ नाम दिया गया है, जहां उपभोक्ताओं को मौके पर ही सहायता प्रदान की जाएगी।

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