हल्द्वानी। अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर जनाक्रोश एक बार फिर सड़कों पर दिखाई दिया। हाल में सामने आए कथित ऑडियो–वीडियो क्लिप के बाद मामले ने नया मोड़ ले लिया है। पहाड़ी आर्मी के आह्वान पर हल्द्वानी में बड़ी संख्या में लोग एकत्र हुए और सरकार से निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया।
बुद्ध पार्क में आयोजित जनसभा के बाद प्रदर्शनकारियों ने एसडीएम न्यायालय तक मार्च किया और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। प्रदर्शन में महिलाओं की भागीदारी भी उल्लेखनीय रही। कई महिलाएं हाथों में दरांती लेकर शामिल हुईं, जिससे आक्रोश की तीव्रता साफ झलकती रही।
पहाड़ी आर्मी के पदाधिकारियों ने कहा कि नए साक्ष्यों के सामने आने से यह स्पष्ट हो गया है कि मौजूदा जांच प्रक्रिया पर विश्वास करना कठिन हो गया है। उन्होंने मांग की कि पूरे प्रकरण की जांच सुप्रीम कोर्ट के सिटिंग जज की निगरानी में सीबीआई को सौंपी जाए।
प्रदर्शन के उपरांत नगर मजिस्ट्रेट के माध्यम से प्रधानमंत्री को ज्ञापन भेजा गया। ज्ञापन में उल्लेख किया गया कि 18–19 सितंबर 2022 को हुई इस घटना को लेकर अब भी कई महत्वपूर्ण प्रश्न अनुत्तरित हैं। सोशल मीडिया पर सामने आए ऑडियो–वीडियो के कारण जांच की निष्पक्षता पर गंभीर शंकाएं उत्पन्न हो गई हैं।
प्रदर्शनकारियों ने मांग रखी कि उर्मिला सनावर द्वारा उजागर किए गए नामों की घटना-दिवस की मोबाइल लोकेशन एवं कॉल डिटेल रिकॉर्ड की जांच की जाए। साथ ही उर्मिला सनावर को सुरक्षा प्रदान करने, उनके मोबाइल की फॉरेंसिक जांच कराने तथा रिसॉर्ट से जुड़े सभी पहलुओं को दोबारा जांच के दायरे में लाने की भी मांग की गई।
चेतावनी दी गई कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। प्रदर्शन में विभिन्न सामाजिक संगठनों के सैकड़ों लोग शामिल रहे।
