देहरादून। अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर प्रदेश का सियासी माहौल एक बार फिर गरमा गया है। विपक्षी दलों और विभिन्न सामाजिक संगठनों ने 11 जनवरी को उत्तराखंड बंद का आह्वान किया है। इन संगठनों की मांग है कि मामले की सीबीआई जांच सुप्रीम कोर्ट के वर्तमान न्यायाधीश की निगरानी में कराई जाए, ताकि निष्पक्ष और पारदर्शी जांच सुनिश्चित हो सके।

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कहा कि यह प्रकरण केवल एक परिवार तक सीमित नहीं है, बल्कि राज्य की अस्मिता और बेटियों की सुरक्षा से जुड़ा गंभीर मुद्दा है। उन्होंने आम जनता से बंद को समर्थन देने की अपील करते हुए कहा कि विरोध शांतिपूर्ण और कानून के दायरे में रहकर किया जाना चाहिए।

महिला मंच की संयोजक कमला पंत ने भी सरकार से मांग की कि सीबीआई जांच के सभी बिंदुओं को सार्वजनिक किया जाए और जांच इस तरह हो कि किसी भी संभावित वीआईपी संलिप्तता से पर्दा उठ सके। उन्होंने कहा कि यह संघर्ष केवल अंकिता के लिए नहीं, बल्कि प्रदेश की हर बेटी के सम्मान और सुरक्षा की लड़ाई है।

संगठनों ने स्पष्ट किया कि बंद के दौरान शांति बनाए रखने की अपील की गई है और किसी भी तरह की अराजकता से बचने की बात कही गई है।

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